सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे # Benefits of Peanuts nutrition

सर्दी के मौसम में मूंगफली  अधिकतर लोगों का टाइम पास  होता है। होना भी चाहिए, क्योंकि यह सेहत के साथ ही स्वाद में भी अच्छा होता है। इसमें कई ऐसे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं। यह सस्ता होता है, इसलिए कोई भी इसे खरीदकर खा लेता है। मूंगफली में लगभग वो सभी तत्व मौजूद होते हैं, जो बादाम में होते हैं। लेकिन, यह बादाम की तरह महंगा नहीं होता है। इसके नियमित सेवन से आपको कब्ज की समस्या कभी नहीं होगी। यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है। सर्दियों में मूंगफली  खाने से वजन तो कम होता ही है, साथ ही गैस और एसिडिटी की समस्या भी दूर होती है। जानें, मूंगफली में और क्या-क्या फायदे  छिपे होते हैं  

सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे :- 






1 मूंगफली  खांसी रोकने में भी उपयोगी है। इसके नियमित सेवन से फेफड़ों को मजबूती मिलती है। पाचन शक्ति मजबूत बनता है। भूख नहीं लगती है, तो इसे खाएं, आपकी खाने की इच्छा बढ़ जाएगी। मूंगफली के ऊपर लगी लाल झिल्ली को ना खाएं। के तुरंत बाद ही पानी पी लेते हैं, तो ऐसा ना करें। आधा घंटे बाद पानी पिएं। मूंगफली फेफड़े का कैंसर रोकने में भी मदद करती है।

2 मूंगफली  में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसके साथ ही इसमें कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर को ताकत देते हैं।

3 मूंगफली खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी सही बना रहता है। यदि आप नियमित रूप से थोड़ी सी मूंगफली खाते हैं, तो दिल की बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ने नहीं देती मूंगफली।

4 बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने के लिए भी मूंगफली खाना सही है। इसमें प्रोटीन, वसा, फाइबर, खनिज, विटामिन और एंटीआक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसके सेवन से स्किन जवां बनी रहती है। चेहरे पर नजर आती झुर्रियों को कम करने के लिए मूंगफली के तेल से मालिश करें।

उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां या फाइन लाइन्स दिखना सामान्य है, लेकिन कई बार धूल-मिट्टी, प्रदूषण, मौसम, तनाव और कई अन्य कारणों से उम्र से पहले ही त्वचा पर झुर्रियां आने लगती है। इससे निपटने के लिए लोग महंगी क्रीम व अन्य ब्यूडी प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, लेकिन खास फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में मूंगफली आपकी मदद कर सकती है। मूंगफली में फैटी एसिड होता है। मूंगफली के सेवन से झुर्रियां आदि त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बनने वाले तनाव और मूड स्विंग को कम करने में मदद मिलती है।


झुर्रियों के अलावा त्वचा की रंगत में बदलाव और त्वचा की गुणवत्ता में कमी आना भी बढ़ती उम्र के लक्षण होते हैं। ये किसी के लिए भी चिंता का कारण बन सकते हैं। ऐसे में मूंगफली के सेवन से काफी फर्क पड़ सकता है, क्योंकि मूंगफली में विटामिन-सी की मात्रा होती है , जो कोलेजन के उत्पादन के लिए आवश्यक है। कोलेजन त्वचा, नस और कार्टिलेज के लिए जरूरी होता है। यह त्वचा में लचीलापन बनाए रखता है, ताकि त्वचा जवां और कोमल रहे।

मूंगफली में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो बालों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है , जो बालों के विकास को बढ़ावा देने के लिए स्कैल्प के स्वास्थ्य और हेयर फॉलिकल्स  को स्वस्थ रखता है, ताकि बालों को बढ़ने में मदद मिल सके।

लंबे-मजबूत बाल खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं, लेकिन प्रदूषण और पोषक तत्वों की कमी से बाल टूटने लगते हैं। खासकर, विटामिन-ई की कमी से बाल कमजोर होकर टूट सकते हैं , इसलिए अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ई युक्त मूंगफली को शामिल करें।

बालों के झड़ने को कभी अनदेखा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे आप गंजेपन का शिकार हो सकते हैं। बढ़ती उम्र, दवाइयों के साइड इफेक्ट, पोषक तत्वों की कमी , आनुवंशिक, गर्भावस्था व गलत डाइट आदि कारणों से गंजेपन की परेशानी हो सकती है। महिलाएं रजनोवृत्ति के बाद हॉर्मोनल बदलाव के कारण बालों के झड़ने का शिकार हो सकती है । ऐसे में अपने जीवनशैली में मूंगफली को शामिल कर आप अपने बालों के झड़ने को कुछ हद तक रोक सकते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों के लिए लाभकारी होते हैं। आप मूंगफली का सेवन भूनकर या कच्चा भी खा सकते हैं।


आप मूंगफली को आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की भी जरूरत नहीं है। नीचे हम इसी बारे में आपको बता रहे हैं।




आप मूंगफली को उबालकर खा सकते हैं। कहा जाता है कि अमेरिका में मूंगफली को उबालकर खाना बहुत प्रचलित है। उबली हुई मूंगफली बहुत ही स्वादिष्ट होती है और सेहतमंद भी होती है, क्योंकि यह रोग से लड़ने वाले यौगिकों को लगभग चार गुना बढ़ा देती है। इसके अलावा, मूंगफली में कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है, जो इसे एक संपूर्ण आहार बनाता है। नीचे हम मूंगफली उबालने की विधि आपको बता रहे हैं।

  • सबसे पहले मूंगफली को अच्छे से धो लें और फिर एक घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।
  • अब 200 एमएल पानी में एक चम्मच नमक मिला दें।
  • फिर इसमें मुट्ठीभर मूंगफली डालकर उबाल लें।

मूंगफली में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है। इसलिए, इसे विभिन्न तरीकों जैसे – मक्खन, तेल, आटा और फ्लेक के रूप में उपयोग किया जाता है। मूंगफली का तेल बड़े पैमाने पर खाना पकाने और कृत्रिम मक्खन तैयार करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसे हाइड्रोलिक प्रेशर लगाकर शेल और क्रश की हुई मूंगफली से निकाला जाता है।

कई लोग मूंगफली के आटे का भी सेवन करते हैं। मूंगफली का आटा बनाने के लिए हल्की और उबली हुई सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली का चयन किया जाता है। फिर इन्हें भूना जाता है और कम वसा वाला आटा बनाया जाता है। इस आटे का उपयोग मिठाई बनाने या फिर बेकरी में किया जाता है। इसका उपयोग बेकिंग, कुकिंग और पाई बनाने के लिए भी किया जाता है।


कई लोग पीनट बटर यानी मूंगफली का मक्खन खाना भी पसंद करते हैं। यह आसानी से बाजार में व सुपरमार्केट में मिल जाता है, लेकिन आप इसे घर में भी बना सकते हैं। बाजार की तुलना में घर में बना पीनट बटर न सिर्फ सेहतमंद होगा, बल्कि सस्ता भी होगा। नीचे हम इसकी आसान विधि आपको बता रहे हैं :

सामग्री :-



  • दो से तीन कप मूंगफली
  • आधा या एक चम्मच चीनी (आवश्यकतानुसार)
  • एक चम्मच शहद (वैकल्पिक)
  • एक चौथाई चम्मच या चुटकीभर नमक
  • दो से तीन बड़े चम्मच मूंगफली का तेल या अन्य वेजिटेबल ऑयल

बनाने की विधि :-

  • पहले कड़ाही या पैन में कच्ची मूंगफली को बिना तेल-घी के भून लें।
  • जब यह सुनहरी हो जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें।
  • ठंडा होने के बाद इसके छिलके निकाल लें।
  • फिर इसे मिक्सी में पीस लें। उसके बाद अन्य सामग्रियां जैसे – मूंगफली का तेल, चीनी, नमक व शहद मिलाकर एक बार और पीस लें।
  • पीसते वक्त बीच-बीच में मिक्सी खोलकर पेस्ट को चलाते रहें, ताकि यह अच्छे से पेस्ट बन जाएं।
  • ध्यान रहे कि आप सामग्रियों को मिलाकर एक बार चख लें और सामग्रियां अपने स्वाद अनुसार ही मिलाएं।
  • अब आपका पीनट बटर तैयार है। आप इसे किसी साफ-सुथरे शीशे के बोतल या अन्य किसी जार में रख सकते हैं। फिर जब मन करे, तब आप इसे रोटी या ब्रेड के साथ खाएं।

भुनी हुई मूंगफली लोकप्रिय भारतीय स्नैक है और इसे तैयार करना भी आसान है। आप मूंगफली को बिना तेल-घी के कड़ाही या फ्राई पैन में भून सकते हैं। इसके अलावा, आप तेल-घी के साथ भी इसे भून सकते हैं और भूनते वक्त स्वादानुसार नमक भी मिला सकते हैं। भूनने के बाद खाते वक्त भी नमक मिलाया जा सकता है। आप भुनी हुई मूंगफली को स्नैक्स के तौर पर, मिक्सचर के साथ, खीरे-प्याज के साथ या अन्य कई तरीकों से सेवन कर सकते हैं।



अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि इसे कैसे स्टोर किया जाए कि यह लंबे वक्त तक ठीक रहे। इसके लिए आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, हम आपको मूंगफली को लंबे वक्त तक सुरक्षित रखने का तरीका बता रहे हैं।

  1. आप मूंगफली के दानों को एयर टाइट जार में कुछ वक्त तक स्टोर करके रख सकते हैं।
  2. साबुत मूंगफली  को अगर ठंडी जगह पर रखा जाए, तो यह कई महीनों तक ठीक रह सकती है।
  3. ध्यान रहे कि मूंगफली में कीड़े भी लग सकते हैं, इसलिए अगर मूंगफली को फ्रिज में रखना है, तो उसे जीप लॉक बैग में डालकर रखें।
  4. घर में बने पीनट बटर को एयर टाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखें। कोशिश करें कि इतना ही पीनट बटर बनाएं, जो एक-दो दिन में खत्म हो जाए।
  5. अगर आप बाजार से पीनट बटर खरीद रहे हैं, तो ध्यान रहे कि आप उसकी एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदें।
  6. अगर आप मूंगफली को भूनकर रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि भुनी हुई मूंगफली उसी दिन या अगले दिन तक खत्म हो जाए। भुनी हुई मूंगफली को ज्यादा दिनों तक स्टोर न करें।

अगर मूंगफली का सही तरीके से सेवन किया जाए, तो मूंगफली खाने के फायदे अनेक हैं। अब जब आपको मूंगफली के फायदे पता चल चुके हैं, तो आप इसे अपनी डाइट में शामिल करना न भूलें। अगर बात करें मूंगफली के नुकसान की, तो सीमित मात्रा में उपयोग करने से नुकसान नहीं होगा। याद रखें कि सावधानी में ही सुरक्षा है। आप मूंगफली को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल कर इसके गुणों को अपने शरीर में अवशोषित कर खुद को सेहतमंद रखें और हमारे साथ अपने अनुभव नीचे दिए कमेंट में शेयर करना न भूलें।


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